जीवन के अलग अलग पहलू के निराशा भरी जिन्दगी के शायरी

Sadness Life Nirasha Zindagi Shayari in Hindi

सुख दुःख तो जीवन के हिस्सा है कभी सुख आते है तो ढेर सारी खुशिया लाते है और जब कभी दुःख की घड़ी आते है तो अक्सर हमे निराशा का भाव दे जाते है सुख और दुःख ही यही जीवन की सच्चाई है जिससे कोई अछुता नही है

तो चलिए आज आप सबके बीच कुछ ऐसे जीवन के अलग अलग पहलू को दर्शाती जिन्दगी शायरी जो निराशा शायरी शेयर कर रहे है जिन्हें आप भी दुसरो के बीच शेयर कर सकते है

कभी सुखी कभी गम के निराशा भरी शायरी

Nirasha Zindagi Shayari in Hindi

1.
वक़्त ने फिर मेरे खिलाफ
बदली अपनी धारा है
मेरा मन, फिर से हारा है

2.
क्योंकि आशाओं ने मेरा साथ छोड़ दिया
तभी निराशाओं से मैंने नाता जोड़ लिया

3.
बने बनाए रिश्ते तोड़ जाते हैं
हमारे अपने क्यों छोड़ जाते हैं

4.
ना जाने क्यों किस्मत मुझसे लड़ता है
रहने दो यारों
इस बात से किसी को क्या फर्क पड़ता है

5.
किस्मत मेरी कुछ यूं सो गई
मेहनत की गलियों में सफलता खो गई

6.
जो पूरे ना हुए
कुछ मेरे अरमान के थे
हम उन रास्तों पर खो गए
जो रास्ते मेरे पहचान के थे

7.
आंखों में आंसू थे
मगर हम रो ना सके
पूरी शिद्दत से वफा के
फिर भी उनके हो ना सके

8.
मेरी किस्मत मुझ से
कुछ यूं जुआ खेलती है
तमाशा बनाती है मेरे काम का
मेरी मेहनत को रुसवा करती है

9.
मैं उस वक़्त टूट गया
जब अपनों का साथ छूट गया
शिकायत भी हम कैसे करते
वो अपना ही था, जो हमें लूट गया

10.
किस्मत जैसी चीज को
मैं कहां मानता था
होगा हार से सामना
यह कहां मैं जानता था
जो हार है मिली
तो मैं यह जाना हूं
होती है किस्मत भी कुछ
अब ये मैं माना हूं

11.
कैसे कहूं कितनी सर्द भरी
रातों में मुझे सुलाया है
किस्मत ने मुझे कितना रुलाया है

12.
वक़्त के पास हमें रुलाने के मंसूबे है
आज कल मेरे दिन-रात गम में डूबे हैं

13.
दर्द में डूबे हैं हम
हमसे हमारा हाल ना पूछिए
वक़्त ने सुर बिगड़ दिए हैं
किस्मत की ताल ना पूछिए

14.
तारों की चादर ओढ़
ये दुनिया सो गई
हम ऐसे दर्द में डूबे हैं
कि रात लंबी हो गई

15.
हंसी के पीछे गम छुपा लेते हैं
इतनी आसानी से सबको मूर्ख बना लेते हैं

16.
खुशियों ने ऐसे मुंह मोड़ा है
जब अपनों की जरूरत पड़ी
तभी सबने साथ छोड़ा है

17.
किसी के भी काम ना आऊं
मैं वो सूखी राख हूं
मुझसे कभी कोई नहीं कहता
चिंता मत करो, मैं तुम्हारे साथ हूं

18.
मेरे मुकद्दर से
खुशियों की ऐसी सफाई की है
किस्मत ने मेरे साथ
बहुत बड़ी बेवफाई की है

19.
गम में डूबी
मेरी हर आंहे हैं
मंजिल का पता नहीं
और कांटों भरी राहें हैं

20.
कोई है नहीं, जो मेरे सर पर रखे हाथ
तरस रहे हैं हम, पाने को अपनों के साथ

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